लियाकत अली खान ने पेश किया था आज़ादी से पहले का सबसे मशहूर बजट




By Tushar Gupta Posted on: 29/01/2024

अगले महीने भारत का अंतरिम बजट आने वाला है। इस बजट से सभी विभागों को कई उम्मीदें हैं। अभी तक के लोकप्रिय बजटों में मनमोहन सिंह के 1991-92, पी चिदंबरम के 1997-98 और यशवंत सिन्हा के 2000-01 का बजट शामिल हैं। मगर क्या आपको पता है कि,आज़ादी से 6 महीने पहले भी एक ऐसा भी बजट आया था। जिसके फैसलों पर आज भी चर्चा होती हैं। खास बात ये है,इस बजट को पेश करने वाला बाद में पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बन गया था।

आम आदमी का बजट  कहलाया था 

भारत की आज़ादी से 6 महीने पहले कांग्रेस और मुस्लिम लीग की अंतरिम सरकार में वित्त मंत्री रहे लियाकत अली खान ने ये बजट पेश किया था। यह बजट आज भी लोगों को याद है।इस बजट की खासियत थी कि,सरकार ने नमक पर से कर हटाया और कैपिटल गेन टैक्स को लागू करने का प्रस्ताव दिया रखा था। लियाकत अली  खान के इस बजट को गरीब आदमी का बजट नाम दिया गया था। उन्होंने टैक्स के लिए न्यूनतम सालाना आय को 2000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया था। नमक पर से टैक्स हटाने और टैक्स आय में इजाफे से सरकार के राजस्व में जो कमी आई थी। उसके लिए उन्होंने दो नए टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया था।

कॉर्पोरेशन टैक्स को किया था दोगुना

पहले तो उन्होंने व्यापार से होने वाले एक लाख रुपये से ज्यादा के लाभ पर 25 फीसदी टैक्स लगा दिया था। इसके साथ 5000 रुपये से ज्यादा के एसेट बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लगा दिया था  उन्होंने कॉर्पोरेशन टैक्स को भी दोगुना कर दिया था। उस समय खान ने 327.88 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।

बड़े उद्योगपतियों ने किया था बजट का  विरोध

इस बजट के बाद बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने इसके विरोध उतरे थे। बजट के अगले दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बंद रहा था। कलकत्ता, मद्रास और दिल्ली में भी बंद का आयोजन किया गया,उद्योग संगठनों ने भी विभिन्न तरीकों से इन नए टैक्स का विरोध किया था। इसके बाद तत्कालीन वायसराय लार्ड आर्चिबाल्ड वावेल ने लियाकत अली खान से टैक्स में कटौती करने को कहा था।