जानिये जयाप्रदा का बॉलीवुड से राजनीति तक का सफर

Posted on: 2022-07-14 12:22:03

जयाप्रदा का बॉलीवुड से लेकर राजनीति का सफर

जयाप्रदा का बॉलीवुड से लेकर राजनीति का सफर

बॉलीवुड में एक बड़ा नाम जो आज बॉलीवुड के साथ साथ राजनीति में भी एक बड़ा नाम बन चुका है, वो नाम कोई और नहीं बल्कि वो नाम है जयाप्रदा।आपको बता दें राजनीति में आने से पहले जयाप्रदा बॉलीवुड की सुपरस्टार एक्ट्रेस हुआ करती थी, हालांकि अब वह कभी-कभार ही फिल्में करती हैं। चलिए  जयाप्रदा के जीवन के बारे में आपको कुछ जानकारी देते हैं। 

जयाप्रदा का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

जयाप्रदा का जन्म 3 अप्रैल 1962 को आन्ध्र प्रदेश में हुआ था, इनके पिता कृष्णा एक तेलुगू फ़िल्म फाइनेंशियर थे और माँ नीलवाणी ने उन्हें कम उम्र में ही नृत्य और संगीत कक्षाओं में दाखिल करवा दिया था। जब वो 14 साल की थीं, तब उन्होंने अपने स्कूल के एनुअल फंक्शन में डांस किया जहां दर्शकों की भीड़ में मौजूद एक फ़िल्म निर्देशक भी शामिल थे और उन्होंने जयाप्रदा से तेलुगू फ़िल्म 'भूमिकोसम' में तीन मिनट के लिए डांस करने को कहा। जयाप्रदा को फिल्म में काम के लिए केवल 10 रूपए मिले थे। 

1976 में बन गयीं बड़ी स्टार!

धीरे-धीरे जयाप्रदा को बड़ी बड़ी फिल्मों में ऑफर आने लगे, साल 1976 में आई फिल्म हिट की तिकड़ी के साथ वो एक बड़ी स्टार बन गईं, के. बालचंदर की अंतुलेनी कथा में उनके नाटकीय को पसंद किया गया. के. विश्वनाथ की सिरी -सिरी मुव्वा, जिसमें उन्होंने शानदार डांस करने वाली एक मूक लड़की की भूमिका निभाई थीं. साल 1977 में उन्होंने अडवी रामुडु में अभिनय किया, जिसने बॉक्स ऑफ़िस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और जिसके बाद उन्हें एक स्टार का दर्जा मिल गया. उन्होंने तेलुगू फ़िल्मों से बाहर निकल कर, तमिल, मलयालम और कन्नड़ फ़िल्मों में भी काम करना शुरू किया और उनकी इन सभी भाषाओं में फ़िल्में सफल रहीं। के. विश्वनाथ ने फ़िल्म सिरी -सिरी मुव्वा जो की साल 1976 को आई थी. फ़िल्म सिरी -सिरी मुव्वा ज़बरदस्त हिट हुई और वो रातों रात स्टार बन गईं। उन्होंने बतौर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पहला फ़िल्मफ़ेयर नामांकन जीता. 

हिंदी फिल्मों में काम करने में बनीं सक्षम 

निर्देशक के विश्वनाथ ने हिट फ़िल्म 'कामचोर' (1982) के ज़रिए हिंदी फ़िल्मों में जयाप्रदा को दोबारा प्रवेश कराया, जहां पहली बार वो धाराप्रवाह हिन्दी बोलती नज़र आईं.अब वो लगातार हिन्दी फ़िल्मों में काम करने में सक्षम बनीं और प्रकाश मेहरा की फ़िल्म शराबी जो साल 1984 में आई थी उस में जयाप्रदा ने अमिताभ बच्चन की प्रेमिका के रूप में किरदार निभाया था. साल 1985 में आई फिल्म विश्वनाथ की 'संजोग में चुनौतीपूर्ण दोहरी भूमिका के लिए जयाप्रदा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और फ़िल्मफ़ेयर अर्वाड मिला.

जितेंद्र और अमिताभ के साथ बनाई सफल जोड़ी 

जयाप्रदा ने ना केवल अमिताभ बच्चन और जितेंद्र के साथ सफल जोड़ी बनाई, साथ ही श्रीदेवी के साथ भी उन्होंने लगभग एक दर्जन फ़िल्मों में काम किया है.  उनकी तेलुगू फ़िल्म 'देवता' जिसमें उन्होंने दो बहनों की भूमिकाएं निभाईं, जो एक दूसरे के लिए बड़ा बलिदान करती हैं.  इन फ़िल्मों ने जयाप्रदा को परंपरागत रूढ़िवादी वर्ग के सिनेमाप्रेमियों का चहेता बना दिया. साल 2002 में उन्होंने फ़िल्म 'आधार' में एक अतिथि भूमिका के ज़रिए मराठी फ़िल्म उद्योग में क़दम रखा। अब तक, उन्होंने सात भाषाओं में काम किया है और अपने 30 साल के फ़िल्मी करियर के दौरान 300 फिल्मों को पूरा किया. साल 2004 में उन्होंने परिपक्व भूमिकाएं निभानी शुरू की।

जयाप्रदा का राजनीतिक जीवन 

जयाप्रदा को साल 1994 में उनके पूर्व साथी और अभिनेता एन.टी. रामराव ने तेलुगू देशम पार्टी में बुलाया था, बाद में उन्होंने रामराव से नाता तोड़ लिया और चंद्रबाबू नायडु वाली पार्ट में शामिल हो गईं। साल 1996 में उन्हें आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्य सभा में मनोनीत किया गया। पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के साथ मतभेदों के कारण, उन्होंने तेदेपा को छोड़ दिया और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं और साल 2004 के आम चुनावों के दौरान रामपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और सफल रहीं। उन्हें लोकसभा चुनाव के अभियान के दौरान, रामपुर के स्वार इलाक़े की महिलाओं को बिंदी वितरण द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा एक नोटिस जारी किया गया। वे दुबारा 30,000 से भी ज़्यादा वोटों से चुनी गईं। जयाप्रदा साल 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई.

जयाप्रदा का निजी जीवन 

अगर बात करें उनके निजी जीवन के बार में तब साल 1986 में जयाप्रदा ने डायरेक्टर श्रीकांत नाहटा से शादी की, जो पहले से ही चंद्रा के साथ शादी -शुदा थे और उनके 3 बच्चे भी हुए थे. इस शादी ने काफ़ी विवादों को जन्म दिया, श्रीकांत नाहटा ने अपनी वर्तमान पत्नी को तलाक़ नहीं दिया और पहली पत्नि के पहले से ही 3 बच्चे थे. जयाप्रदा और श्रीकांत का एक भी बच्चा नहीं था, लेकिन जयाप्रदा ने संतान की इच्छा व्यक्त की थी।   

जयाप्रदा को मिले पुरूस्कार 

1. (2007)लाइफटाइम एचीवमेंट अर्वाड
2. (1979) सरगम- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
3. (1984) शराबी- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
4. (1985) संजोग - सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री से नवाजा गया 
5. (2007) लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड 
6. सरगम- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री 1979)  
7. शराबी- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (1984)  
8. संजोग - सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री 1985
9. कलाकार पुरस्कार  (2005) 
10. ANR उपलब्धि पुरस्कार (2008)

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2 - Comments

  • Great story, I love it

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