भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को मिलेगा भारत रत्न




By Tushar Gupta Posted on: 03/02/2024

बीजपी के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का निणर्य लिया गया है। इसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेद्रं मोदी ने खुद ट्वीट करके दी। जिसमें उन्होंने लिखा कि उन्हें ये साझा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। 'मैंने उनसे बात की और उन्हें बधाई दी। आडवाणी हमारे वक्त के सबसे सम्मानित राजनेताओं में गिने जाते हैं और भारत के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
लाल कृष्ण आडवाणी ने जमीनी स्तर पर काम किया है
पीएम ने आगे कहा कि,लाल कृष्ण आडवाणी ने जमीनी स्तर पर काम करने से शुरुआत की और देश के उप प्रधानमंत्री तक बने। उन्होंने हमारे गृह मंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। लाल कृष्ण आडवाणी तीन बार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वह भारत के गृह मंत्री और डिप्टी पीएम भी रहे हैं।
राष्ट्रीय एकता को आगे बढ़ने में अद्वितीय प्रयास किये हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में आडवाणी ने लंबे वक्त तक सेवा की और वो पूरी तरह से पारदर्शिता और अखंडता के प्रति प्रतिबद्ध रहे। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आडवाणी ने राजनीतिक नैतिकता में मानक स्थापित किए हैं। 'आडवाणी ने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास किए हैं। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है,' मैं इसे हमेशा अपना सौभाग्य मानूंगा कि मुझे उनके साथ बातचीत करने और उनसे सीखने के बहुत से अवसर मिले.'।
भारतीय जनता पार्टी में लाल कृष्ण आडवाणी का भूमिका
आडवाणी जी का जन्म 8 नवंबर 1927 को सिन्ध प्रान्त (पाकिस्तान) में हुआ था। वह कराची के सेंट पैट्रिक्स स्कूल में पढ़ें हैं और उनके देशभक्ति के जज्बे ने उन्हें राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद लाल कृष्ण आडवाणी वह शख्स है। जो लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं। 3 दशक सांसद रहने के बाद आडवाणी जी पहले गृह मंत्री रहे, बाद में अटल जी की कैबिनट में (1999-2004) उप-प्रधानमंत्री बने।
बैंगलोर से सीधा जेल भेजा गया था
25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने आपातकाल लागा दिया था। अपनी तानाशाही शासन कायम करने के लिए उन्होंने आदेश दिया कि,सभी विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में कैद कर दिया जाए। उन्होंने आरएसएस को प्रतिबंधित कर दिया था। अटल जी और आडवाणी जी उस समय बैंगलोर में थे,जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।