तय हुई अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख, जानिए किस दिन गर्भगृह में विराजेंगे रामलला


तय हुई अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख, जानिए किस दिन गर्भगृह में विराजेंगे रामलला

तय हुई अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख, जानिए किस दिन गर्भगृह में विराजेंगे रामलला



By Ved Bhadola Posted on: 26/10/2022

अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 50 फीसदी पूरा हो गया है। इसी के साथ वह तारीख भी आ गई है जब रामलला अपने गर्भगृह में विराजेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक 14 जनवरी 2024 यानी मकरसंक्रांति के दिन रामलला अपने विग्रह में विराजेंगे और मंदिर कपट आम जनता के लिए खोल दिए जायेंगे। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अयोध्या में मौजूद रहेंगे। 

मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर 
ट्रस्ट की तरफ से मीडिया को मंदिर निर्माण की प्रगति के बारे में बाकायदा जानकारी भी दी गई। ट्रस्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर जगदीश आपडे ने बताया कि मंदिर निर्माण का काम पिछले 2 साल से चल रहा है। और अगले 2 साल के अंदर मंदिर का काम पूरा हो जाएगा। हालांकि गर्भगृह का निर्माण दो तीन महीने के अंदर हो जाएगा। जिसके बाद श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर के अन्य हिस्से का निर्माण कार्य निर्बाध चलता रहेगा। 

उत्तरायणी पर होगा उद्घाटन 
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 14 जनवरी 2024 को मकर संक्रांति के दिन राम मंदिर का उद्घाटन प्रस्तावित है. उस दिन सूर्य देव उत्तरायण होंगे, जिसे शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. इसी दिन रामलला गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे. पीएम नरेंद्र मोदी इस खास मौके के साक्षी होंगे. इसी दिन से मंदिर के गर्भगृह को आम जनता के दर्शनों के लिए खोल दिया जाएगा. जबकि मंदिर के बाकी हिस्से का काम चलता रहेगा.

पचास फीसदी काम हुआ पूरा
चंपत राय ने बताया कि मंदिर की ऊंचाई 161 फीट होगी, उसमें 394 खंभे होंगे और हर खंभे पर रामायण से जुड़ी 16 मूर्तियां बनेंगी। मंदिर के निर्माण में लोहे के सरिया का कहीं भी प्रयोग नहीं किया गया है। ज्यादा से ज्यादा कॉपर का प्रयोग किया जा रहा है। अभी तक मंदिर का ग्राउंड लेवल 17 फीट ऊपर है और खुदाई स्थल से तकरीबन 60 फीट ऊपर है। 

भगवान राम के मस्तक पर पड़ेगी सूर्य की रोशनी 
चंपत राय ने बताया कि राम नवमी के दिन सूर्य की रोशनी सीधे भगवान रामलला के मस्तक पर पड़ेगी। इसके लिए अंतरिक्ष से टेलीस्कोपिक विधि की तैयारी की जा रही है। निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसियां इस दिशा में लगातार काम भी कर रही हैं।