मुख्यमंत्री धामी के पहुँचने से पूर्व ही दिखा दी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट




By Ekagra Gupta Posted on: 01/10/2022

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बीते दिन अंकिता भंडारी के परिजनों से मिलने डोभ श्रीकोट पहुंचे थे ,जहाँ मुख्यमंत्री धामी  कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री धामी के श्रीकोट पहुँचने से पूर्व ही अंकिता के परिजनों को पीएम रिपोर्ट दिखा दी गई, इस बात की जानकारी खुद अंकिता के परिजनों ने दी। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार डेढ़ बजे करीब उन्हें रिपोर्ट दिखा दी गई है। पूर्व में खबर आई थी कि अंकिता के परिजनों को पीएम रिपोर्ट नहीं दिखाई गई है। हालांकि, अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के आने से पूर्व उनको पीएम रिपोर्ट दिखा दी गई थी, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है और 25 लाख रुपये का चेक भी दिया है लेकिन उन्हें रूपए नहीं न्याय चाहिए। अंकिता के पिता का कहना है कि वे अंकिता के हत्यारों को फांसी के फंदे पर लटकते हुए देखना चाहते हैं।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी श्रीकोट स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्य कर रही थी, ये रिसॉर्ट भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता विनोद आर्य के छोटे बेटे पुलकित आर्य का था। आरोप है कि पुलकित आर्य नमक युवक अंकिता भंडारी से गलत काम करना चाहता था, जिसका अंकिता भंडारी ने पूरजोर विरोध किया था। जिस कारण पुलकित आर्य और वनंत्रा रिसॉर्ट के दो मैनेजरों जिनके नाम सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता हैं इनके साथ मिलकर 18 सितंबर की रात अंकिता की हत्या कर दी और शव को चीला नहर में फेंक दिया। अंकिता की काफी तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिली, फिर 24 सितम्बर को अंकिता भंडारी की लाश चीला नहर से मिली। बता दें कि अंकिता भंडारी के तीनों हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में है। हैरानी की बात यह है कि अंकिता हत्याकांड मामले में रोज नए खुलासे हो रहे है। इस पूरे मामले की जांच के लिए सरकार ने डीआईजी पी रेणुका के नेतृत्व में एसआईटी का गठन भी कर दिया है जो इस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं शुक्रवार 30 सितंबर को एसआईटी ने तीनों आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।

Edited by- Abhishek Kumar Pandey 

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