उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक की बड़ासू पट्टी से एक तस्वीर सामने आई है, जो राज्य के प्रशासन की खामियों और नाकामी को उजागर करती है। यहां के लोग हर वर्ष की तरह इस साल भी टूटे-फूटे रास्तों और खराब संपर्क साधनों के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में यह हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
टूटी सड़कें न केवल रोजमर्रा की समस्याएं पैदा करती हैं, बल्कि खासकर बीमार और बुजुर्ग लोगों के लिए अस्पताल पहुंचना एक बड़ा खतरा बन जाता है। इमरजेंसी की स्थिति में सही समय पर इलाज न मिलने के कारण कई बार जान भी जोखिम में पड़ जाती है। स्थानीय लोग प्रशासन से बार-बार सड़क सुधार की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बारिश के कारण मिट्टी के कटाव और भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ गई हैं, जिससे सड़कें और भी अधिक टूट-फूट का शिकार हो रही हैं। इन हालातों में किसानों और ग्रामीणों की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है, उनका उत्पादन प्रभावित हो रहा है और उनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूट रही हैं।
स्थानीय प्रशासन की इस नाकामी से क्षेत्र के विकास और लोगों की सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। समय रहते उचित कदम न उठाए जाने पर इस क्षेत्र की स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों को नजरअंदाज कर देना उनके साथ अन्याय के समान है।
इस खबर के माध्यम से यह आवाज़ उठाई जा रही है कि सरकार और प्रशासन इस समस्या को प्राथमिकता दें और जल्द से जल्द सड़क और आधारभूत सुविधाओं का सुधार करें, ताकि बड़ासू पट्टी के लोग सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
For more information, visit: https://youtu.be/JGiK5m-J2co


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