जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश ने जनजीवन और संपत्ति पर भारी प्रभाव डाला है। जम्मू शहर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने 115 साल का इतिहास बदल दिया है, वहीं वैष्णो देवी क्षेत्र में लैंडस्लाइड की वजह से कम से कम 34 लोगों की जान चली गई। कई गांव प्रभावित हुए हैं और हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं।
एनडीआरएफ और भारतीय सेना के जवान राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, मलबे में फंसे व्यक्तियों को निकालने और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने का कार्य युद्धस्तरीय गति से किया जा रहा है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक आई इस आपदा ने उन्हें पूरी तरह से हैरान कर दिया है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयास कर रही हैं। मौसम विभाग ने क्षेत्र में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे राहत कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
यह आपदा एक बार फिर स्पष्ट कर देती है कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक घटनाएं कितनी विनाशकारी हो सकती हैं। प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ मिलकर प्रभावितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राहत कार्य तेज़ करने में जुटे हैं।
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