Chhattisgarh

झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन का निधन, पूरे देश में शोक की लहर

झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। वे पिछले कई महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे और रांची के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।

शिबू सोरेन, जिन्हें आदरपूर्वक ‘गुरुजी’ कहा जाता था, ने झारखंड के निर्माण और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई थी। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक सदस्य रहे और लंबे समय तक आदिवासी समाज की आवाज बने रहे। उनका राजनीतिक जीवन संघर्षों, आंदोलनों और सिद्धांतों से भरा रहा।

उनके निधन की खबर जैसे ही सामने आई, झारखंड समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा,
"शिबू सोरेन जी ने झारखंड की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। वे एक प्रखर जननेता थे जिन्होंने गरीबों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया।"

प्रधानमंत्री ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जो शिबू सोरेन के पुत्र हैं, से फोन पर बात कर शोक प्रकट किया और परिवार को ढांढस बंधाया।

राज्य सरकार द्वारा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियाँ की जा रही हैं और तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। झारखंड विधानसभा में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है।

राजनीति में आने से पहले शिबू सोरेन ने सामाजिक न्याय और आदिवासी हकों के लिए कई बार जेल भी झेली। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र सरकार में मंत्री पद भी संभाला। उनका जीवन आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

झारखंड की आत्मा अब एक युगपुरुष को विदा कर रही है।

For more information, visit: https://youtu.be/AcawkkXn-8c

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