प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी को एक बड़े वित्तीय घोटाले की जांच के सिलसिले में 5 अगस्त 2025 को पूछताछ के लिए समन भेजा है। यह मामला लगभग 17,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और उससे जुड़ी कंपनियों के कई वित्तीय लेनदेन पर सवाल उठे हैं।
इस घोटाले की जांच के तहत ईडी ने मुंबई में 35 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये ठिकाने रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों और उनसे संबंधित व्यक्तियों के बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य ईडी के हाथ लगे हैं।
सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) की रिपोर्ट में भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि इस घोटाले में से 10,000 करोड़ रुपये की राशि ग्रुप की अन्य कंपनियों में डायवर्ट की गई, जिससे निवेशकों और शेयर बाजार को धोखे में रखा गया।
अनिल अंबानी पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर ग्रुप कंपनियों के वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता नहीं बरती और कई फंड्स को गलत तरीके से इधर-उधर किया। अब ईडी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और 5 अगस्त को उनसे पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
यह मामला न सिर्फ कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठा रहा है, बल्कि भारतीय निवेशकों और बाजार की पारदर्शिता पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है। क्या अनिल अंबानी इस आरोप से खुद को बचा पाएंगे? जानिए इस बड़े घोटाले से जुड़ी सभी डिटेल्स इस वीडियो में।
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