अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि उनके कार्यकाल के दौरान भारत और एक अन्य देश के बीच चल रहे तनाव को उन्होंने अपनी पहल से समाप्त करवाया। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने सीधे तौर पर भारत से संपर्क किया और भारत ने उनकी बात मानते हुए युद्ध जैसे हालात को टाल दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान अमेरिकी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में दिया, जिसमें उन्होंने अपनी कूटनीतिक क्षमताओं का उदाहरण देते हुए भारत का नाम लिया। ट्रंप ने कहा, "मैंने भारत से कहा कि पीछे हटो, और उन्होंने मेरी बात मानी। युद्ध होने वाला था, लेकिन हमने उसे रोक दिया।" हालांकि ट्रंप ने उस देश का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया जिससे भारत का तनाव था, लेकिन उनके इस बयान को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
ट्रंप के इस दावे को लेकर भारत सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान या तो 2019 के भारत-पाकिस्तान तनाव की ओर इशारा कर रहा है या फिर चीन के साथ सीमा पर बढ़ते तनाव की बात हो सकती है। गौरतलब है कि 2019 में पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसी घटनाएं सामने आई थीं।
भारत और अमेरिका के रिश्ते ट्रंप के कार्यकाल के दौरान मिलेजुले रहे हैं। कभी ट्रंप ने भारत की सराहना की, तो कभी व्यापारिक नीतियों को लेकर आलोचना भी की। लेकिन इस तरह के दावे का सामने आना दर्शाता है कि ट्रंप अभी भी अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर अपनी छवि को मजबूत दिखाने की कोशिश में हैं, खासकर 2024 के राष्ट्रपति चुनावों को ध्यान में रखते हुए।
विश्लेषकों का यह भी मानना है कि ट्रंप का यह दावा अमेरिकी घरेलू राजनीति को प्रभावित करने के लिए भी हो सकता है, जहां वे खुद को एक मजबूत नेता और वैश्विक शांति के समर्थक के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं।
बहरहाल, ट्रंप के इस दावे की सत्यता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जब तक भारत की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आती, तब तक यह बयान केवल एक राजनीतिक दावा ही माना जा सकता है। लेकिन इसने भारत-अमेरिका संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को लेकर चर्चा जरूर छेड़ दी है।
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