Delhi

G7 शिखर सम्मेलन में भारत की गूंज: इटली में PM मोदी रखेंगे विकासशील देशों की आवाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इटली के अपुलिया में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में हिस्सा लेने जा रहे हैं। यह सत्र न केवल वैश्विक राजनीति और कूटनीति का एक महत्वपूर्ण मंच है, बल्कि उन देशों के लिए भी एक अवसर है जो G7 का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था और विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

PM मोदी इस मंच का उपयोग उन मुद्दों को उठाने के लिए करेंगे जो विकासशील और उभरते देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं—जैसे जलवायु परिवर्तन, वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं की स्थिरता, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, डिजिटल समावेशन और वैश्विक दक्षिण की भागीदारी।

भारत लंबे समय से "ग्लोबल साउथ" की आवाज़ बनने का दावा करता रहा है और इस मंच पर प्रधानमंत्री मोदी का सक्रिय और प्रभावशाली योगदान उसी दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। वे इस अवसर का प्रयोग भारत की विदेश नीति को और मज़बूती से प्रस्तुत करने के लिए करेंगे, जो 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सिद्धांत पर आधारित है—अर्थात "सारा विश्व एक परिवार है"।

इस सम्मेलन में PM मोदी की भागीदारी यह भी दर्शाती है कि भारत अब वैश्विक शक्ति संतुलन में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है। जहाँ G7 देश आमतौर पर विकसित राष्ट्र होते हैं, वहीं भारत की उपस्थिति यह सुनिश्चित करती है कि विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंताएं और प्राथमिकताएं भी चर्चा के केंद्र में रहें।

यह भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह न केवल अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता है, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ की आवाज़ बनकर उभरता है। भारत की डिजिटल प्रगति, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में उठाए गए कदम, कोविड-19 के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और मानवीय सहायता जैसे अनुभव आज विश्व के सामने एक उदाहरण बन गए हैं।

देखिए इस रिपोर्ट में कि कैसे G7 के इस वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी न केवल भारत का पक्ष मज़बूती से रखेंगे, बल्कि विकासशील देशों की जरूरतों, चिंताओं और आशाओं को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे। यह क्षण केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है।

For more information, visit: https://youtu.be/U5vHT6itSYM

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