पहलगाम आतंकी हमले को लेकर देशभर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है... विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमला करते हुए सवाल उठा रहा है कि आखिर आतंकवाद पर लगाम कब लगेगी... इसी बीच झारखंड के रांची में संविधान बचाओ रैली के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर एक गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा दावा किया है... उन्होंने कहा कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले से तीन दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी को संभावित हमले की खुफिया जानकारी मिल चुकी थी, और इसी वजह से उन्होंने 19 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर का अपना प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया था...
उन्होंने इसे खुफिया एजेंसियों की विफलता बताया और कहा कि अगर प्रधानमंत्री को पहले से जानकारी थी, तो आम नागरिकों और सुरक्षाबलों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए? इसके साथ ही उन्होंने तीखा सवाल करते हुए कहा कि जब खुफिया एजेंसियों ने पीएम की सुरक्षा के मद्देनजर दौरा रद्द करने की सलाह दी थी, तो आम लोगों और तैनात जवानों को क्यों नहीं चेताया गया?
खड़गे ने यह भी कहा कि इस हमले के लिए खुफिया एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि वे पहले से जानकारी होने के बावजूद उचित कार्रवाई करने में विफल रहीं... उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि एक बड़ी चूक है, जिसके परिणामस्वरूप देश के जवानों की शहादत हुई... हालांकि खड़गे ने सरकार को यह भी आश्वासन दिया कि आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ कांग्रेस सरकार के साथ खड़ी है... अगर सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाती है, तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी...
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद आयोजित सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सुरक्षा में चूक की बात स्वीकार की थी और आश्वासन दिया था कि इस दिशा में सुधार किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों... इस पूरे घटनाक्रम ने देश की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष के तेवर तीखे हैं और सरकार अब दबाव में है कि वह पारदर्शी ढंग से जांच करे और जिम्मेदारी तय करे।

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