लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज बेंगलुरु की एक कोर्ट में पेश होंगे. आपको बता दे राहुल पर समाचार पत्रों में मानहानि कारक विज्ञापन जारी करने का आरोप है। पिछले साल विस चुनावों से पहले दिए गए विज्ञापन में राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार पर 2019-2023 के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया गया था।बीजेपी एमएलसी केशव प्रसाद ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. उन्होंने स्थानीय समाचार पत्रों में बीजेपी को भ्रष्ट बताने वाले विज्ञापन को लेकर याचिका दायर की थी.
ताजा मामले केमुताबिक, पिछले साल कर्नाटक में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस दौरान कांग्रेस ने तत्कालीन भाजपा सरकार पर 2019-2023 के शासनकाल के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ मानहानि मुकदमा दर्ज कराया। इससे पहले कोर्ट ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार को जमानत दे दी थी.
इस मामले में राहुल गांधी चौथे आरोपी हैं, जबकि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी , शिवकुमार और सिद्धारमैया पहले तीन आरोपी हैं.आरोप लगाया कि कांग्रेस के इन नेताओं ने तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई समेत भाजपा नेताओं के खिलाफ मुख्य समाचार पत्रों में झूठे विज्ञापन दिये। सभी लोक निर्माण कार्यों में 40 फीसदी कमीशन लेने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने 'भ्रष्टाचार रेट कार्ड' भी प्रकाशित कराया। वहीं, राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर भी अपमानजनक विज्ञापन पोस्ट किया। विशेष अदालत ने इस मामले में एक जून को सिद्धारमैया और शिवकुमार को जमानत दे दी थी।
BJP ने राहुल गांधी के खिलाफ की ये मांग
कर्नाटक की बीजेपी इकाई ने कोर्ट से राहुल गांधी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की है, क्योंकि वे एक जून को कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए थे. हालांकि, कांग्रेस ने कहा था कि विज्ञापन के प्रकाशन में राहुल गांधी शामिल नहीं थे लेकिन अदालत ने कहा था कि उन्हें 7 जून को उपस्थित होना होगा.
क्या था विज्ञापन
बीजेपी एमएलसी और महासचिव केशव प्रसाद ने कांग्रेस के विज्ञापन को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था. कांग्रेस ने अपने विज्ञापन में आरोप लगाया था कि सभी सार्वजनिक कार्यों के क्रियान्वयन के लिए 40 प्रतिशत कमीशन वसूला गया. विज्ञापन में पूर्व बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए गए थे और उन्हें भ्रष्टाचार का रेट कार्ड बताया गया था.केशव प्रसाद ने मानहानि के केस में आरोप लगाया है कि बीजेपी पर सरकारी परियोजनाओं में 40 प्रतिशत कमीशन का आरोप लगाते हुए पूरे पन्ने का विज्ञापन प्रकाशित कर कांग्रेस ने भ्रामक प्रचार किया.
मानहानि मामले में जा चुकी है सांसदी
इससे पहले, 23 मार्च 2023 को सूरत की सीजेएम कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। उन्हें मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी के कारण सजा सुनाई गई थी। अगले ही दिन 24 मार्च को लोकसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता जाने का आदेश जारी कर दिया। नियम के अनुसार, अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या इससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता चली जाती है। राहुल के साथ भी ऐसा ही हुआ। हालांकि, बाद में राहुल को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई। अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगा दी।
सांसदी जाने के बाद खाली किया बंगला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 22 अप्रैल को अपना आधिकारिक बंगला खाली कर दिया। कहा कि यह सच बोलने के लिए चुकाई गई कीमत है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन तक 10 जनपथ पर अपनी मां के आवास पर रहेंगे। इससे पहले, 27 मार्च को लोकसभा सचिवालय ने पूर्व कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी को 22 अप्रैल तक अपना आधिकारिक आवास खाली करने को कहा था।
Edited by Naved

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