हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्रकृति के कहर का शिकार बन गया है। शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में बादल फटने की भयानक घटना ने पूरे इलाके को संकट में डाल दिया है। तेज बारिश के साथ आई भारी मात्रा में पानी और मलबे ने निचले इलाकों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। बाजारों में पानी इस कदर भर गया कि सड़कों ने नदी का रूप ले लिया। स्थानीय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य में भारी नुकसान हुआ है। PWD हमीरपुर डिविजन को ही लगभग ₹211 करोड़ का नुकसान हो चुका है। जलभराव और भूस्खलन की घटनाओं के चलते कई निर्माणाधीन सड़कें, पुल और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
प्रदेशभर में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 617 सड़कें अभी भी बाधित हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। प्रशासन को स्कूलों को बंद करने का निर्णय लेना पड़ा, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रबंधन टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी किया है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में यह प्राकृतिक आपदा न सिर्फ जनजीवन के लिए संकट बन चुकी है, बल्कि आर्थिक रूप से भी राज्य को गहरा झटका दे रही है।
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