UttarPradesh

अब छात्रों को मिलेगा टैबलेट: योगी सरकार की नई योजना तैयार

उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को डिजिटल दिशा देने के अपने संकल्प पर एक और बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब छात्रों और युवाओं को स्मार्टफोन के बजाय टैबलेट देने की नई योजना तैयार की है। यह बदलाव केवल तकनीक का नहीं, बल्कि सोच और कार्यशैली का भी प्रतीक है, जिसमें डिजिटल शिक्षा को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और दूरदर्शी बनाया जा रहा है।

पहले की योजना के तहत राज्य में लाखों छात्रों को मुफ्त स्मार्टफोन वितरित किए गए थे, जिससे उन्हें ऑनलाइन क्लास, सरकारी योजनाओं की जानकारी और डिजिटल दुनिया में कदम रखने का अवसर मिला। लेकिन अब सरकार का मानना है कि स्मार्टफोन की तुलना में टैबलेट ज्यादा शैक्षणिक रूप से उपयोगी और व्यावहारिक होते हैं।

टैबलेट में बड़ा स्क्रीन, बेहतर बैटरी बैकअप और एजुकेशन-फ्रेंडली इंटरफेस होते हैं, जो छात्रों के लिए ई-लर्निंग और डिजिटल स्किल डिवेलपमेंट में मददगार साबित होंगे। सरकार का उद्देश्य है कि न सिर्फ पढ़ाई, बल्कि रोजगार के लिए ज़रूरी डिजिटल स्किल्स भी छात्रों को सुलभ कराए जाएं। इसके तहत तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार इस योजना को लेकर जल्द ही राज्य कैबिनेट में प्रस्ताव लाने जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से टैबलेट का वितरण शुरू किया जाएगा। शुरुआती चरण में सरकारी विश्वविद्यालयों, पॉलिटेक्निक संस्थानों, आईटीआई और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को इसका लाभ मिल सकता है।

इस योजना की एक बड़ी विशेषता यह भी हो सकती है कि टैबलेट्स में पहले से कुछ महत्वपूर्ण शैक्षणिक ऐप्स, ई-बुक्स और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री पहले से इनस्टॉल होगी, ताकि छात्र बिना रुकावट पढ़ाई कर सकें। साथ ही, इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए कुछ चयनित इलाकों में सरकार वाई-फाई जोन या डेटा सब्सिडी की सुविधा भी दे सकती है।

सरकार का यह कदम केवल एक डिजिटल डिवाइस देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। "डिजिटल यूपी, सक्षम युवा" की सोच के तहत यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

इस पहल से यह भी उम्मीद की जा रही है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को भी वह तकनीकी संसाधन मिल पाएंगे, जिनकी उन्हें प्रतियोगी दुनिया में बराबरी के लिए ज़रूरत है। इससे डिजिटल डिवाइड को भी पाटने में मदद मिलेगी और यूपी का युवा, देश के बाकी हिस्सों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकेगा।

For more information, visit: https://youtu.be/b9U2BjAc3LE

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