UttarPradesh

बुलंदशहर के सिद्ध बाबा घाट पर बाढ़ से दो मंदिर व धर्मशाला जलमग्न

बुलंदशहर जिले के आहर क्षेत्र में गंगा नदी उफान पर आने के कारण धार्मिक स्थल सिद्ध बाबा घाट पर भयंकर तबाही मची है। बाढ़ की तेज़ धार ने घाट को घेर लिया, जिससे यहां स्थित चार महत्वपूर्ण संरचनाएं—दो मंदिर और दो धर्मशाले—पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। यह स्थान यहां का प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल है, जहां श्रद्धालुओं की आस्था और जीवन की सहजता समान रूप से जुड़ी हुई है। लेकिन इस बार प्राकृतिक कहर ने उनकी श्रद्धा को खतरे में डाल दिया।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि प्रशासन ने घाट के प्रवेश मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया है। सीना तानकर खड़े किसी मंदिर की शान भी अब पानी के आंच में डूब चुकी है, और फिर से वो दृश्यों को देखना मुश्किल है जो कभी यहां श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार हुआ करते थे। इस बाढ़ की विभीषिका ने सिर्फ दीवारें ही गिराई नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं को भी ध्वस्त कर दिया।

स्थानीय प्रशासन ने पाइपबज करते जल बहाव को रोकने के लिए तुरंत मोर्चा संभाला, लेकिन पानी की विशालता के बीच राहत कार्य धीमे लगते हैं। बचाव दल, जिला अधिकारी और पुलिस बल हर कदम पर मुस्तैद नज़र आ रहे हैं, भले ही गति स्लो हो, लेकिन रणनीतिक रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।

इस घटना का एक और गंभीर पहलू यह है कि बाढ़ ने किसानों की फसलों, घाटों के आसपास बसे समुदायों और उस आर्थिक गतिविधि को भी तहस-नहस कर दिया है जो धार्मिक यात्रा पर निर्भर थी। घाट की प्रतिष्ठा और उसकी अर्थव्यवस्था, दोनों ही इस आपदा में पूरी तरह तबाह हो गए हैं।

इतिहास घोषित नहीं करता कि अगली बारिश कब आएगी, लेकिन तैयारी और सतर्कता सुनिश्चित करनी पड़ती है—यह शायद प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी परीक्षा है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भी प्रकृति की मार के सामने कितनी असहाय हो सकती है—जब तक हम सजग नहीं रहेंगे।

For more information, visit: https://youtu.be/QaaBny51vDQ

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