UttarPradesh

इटावा में कथावाचक से जाति पूछने के बाद मारपीट, "यादव" सुनते ही ब्राह्मण बाहुल्य गांव में किया गया हमला

उत्तर प्रदेश के इटावा ज़िले से आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश ही नहीं, पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना एक कथावाचक के साथ हुई, जो धार्मिक प्रवचन देने एक गांव में गए थे। लेकिन प्रवचन से पहले ही जिस सवाल ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, वह था – “आपकी जाति क्या है?” कथावाचक ने बिना किसी संकोच के जब ‘यादव’ बताया, तो वहां मौजूद कुछ लोगों के चेहरे बदल गए। यह गांव ब्राह्मण बाहुल्य बताया जा रहा है, और कथावाचक के अनुसार, जाति सुनते ही उनके साथ हिंसक व्यवहार शुरू हो गया।

कथावाचक का कहना है कि उन्होंने कभी भी अपनी जाति छुपाई नहीं थी और न ही उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का था। लेकिन जब उन्होंने अपनी जाति बताई, तो वहां के कुछ लोगों ने उन्हें अपमानित करना शुरू किया, उनके साथ गाली-गलौच की और फिर मारपीट पर उतर आए। उन्होंने अपने साथ हुए इस अमानवीय बर्ताव को खुद कैमरे के सामने आकर बयान किया है। इस वीडियो में उनकी आंखों में आंसू और आवाज़ में तकलीफ़ साफ झलकती है।

यह घटना न सिर्फ जातिवाद की भयावह सच्चाई को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि हमारे समाज में अभी भी जाति के नाम पर भेदभाव और हिंसा किस कदर मौजूद है। धर्म, भक्ति और प्रवचन के नाम पर एकत्र होने वाली भीड़ जब जाति के नाम पर हिंसक हो जाए, तो यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम वास्तव में एक समरस समाज की ओर बढ़ रहे हैं?

यह वीडियो केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं है, बल्कि उस पूरे ताने-बाने की तस्वीर है जो आज भी जाति के नाम पर इंसानों को बांटता है, अपमानित करता है और कभी-कभी हिंसा तक पहुंचा देता है। इस मामले में स्थानीय प्रशासन द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं, पीड़ित को अब तक न्याय मिला या नहीं, यह भी वीडियो में सामने लाया गया है।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। यह जरूरी है कि हम इन घटनाओं पर सिर्फ संवेदना जताकर न रुकें, बल्कि समाज में व्याप्त इस तरह के जातीय भेदभाव को खत्म करने की दिशा में गंभीर चर्चा और कार्यवाही की मांग करें।

For more information, visit: https://youtu.be/BZWdfrp3WKc

0 - Comments

Leave a comment