21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ देशभर में योग का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। इस वर्ष योग दिवस का आयोजन न केवल स्वास्थ्य और जागरूकता का प्रतीक बनेगा, बल्कि यह योग को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी दोहराएगा।
इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं राजभवन परिसर में योगाभ्यास करते नज़र आएंगे। यह आयोजन राजभवन को योग का केंद्र बनाकर यह संदेश देगा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी लखनऊ में होने वाले योग कार्यक्रमों में भाग लेंगे। पूरे शहर में विभिन्न स्थलों पर योग शिविर लगाए जा रहे हैं, जहाँ हजारों की संख्या में लोग भाग लेकर स्वस्थ भारत, सशक्त भारत के विचार को साकार करने का प्रयास करेंगे।
इस वर्ष योग दिवस की थीम "योग फॉर सेल्फ एंड सोसाइटी" पर आधारित है, जो यह बताती है कि योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन और मानसिक शांति का भी माध्यम है। इस आयोजन में स्कूलों, कॉलेजों, एनजीओ और सरकारी विभागों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है, जिससे यह उत्सव एक जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई देगा।
लखनऊ में सुरक्षा, व्यवस्था और लॉजिस्टिक्स के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके। डॉक्टर्स, योग विशेषज्ञ और प्रशिक्षकों की टीम पूरे आयोजन के दौरान उपस्थित रहेगी।
योग दिवस अब केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय चेतना बन चुका है। और इस बार लखनऊ इसकी धड़कन बनने जा रहा है। देखिए इस ऐतिहासिक आयोजन की विशेष झलक और जानिए कि कैसे योग भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने की दिशा में योगदान दे रहा है।
For more information, visit: https://youtu.be/-u0-4htVwqE

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