लखनऊ में साइबर क्राइम के खिलाफ चलाए गए एक बड़े अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी कॉल्स, बैंक डिटेल हैकिंग और ऑनलाइन फ्रॉड के ज़रिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो विभिन्न हिस्सों से जुड़े हुए थे और संगठित तरीके से यह साइबर अपराध चला रहे थे।
इस गिरोह की पहचान एक ऐसे नेटवर्क के रूप में हुई है जो मासूम लोगों को कॉल करके खुद को बैंक प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी या कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव बताता था और उनसे बैंक डिटेल्स, ओटीपी, और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर लेता था। इसके बाद उनके खातों से बड़ी रकम गायब कर दी जाती थी।
पुलिस ने जब इस पूरे गिरोह पर छापेमारी की, तो उनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, सैकड़ों सिम कार्ड, फर्जी दस्तावेज, एटीएम कार्ड और भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने देशभर में हजारों लोगों को अपना शिकार बनाया है।
इस कार्रवाई के दौरान साइबर सेल, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और टेक्निकल टीम की संयुक्त कोशिश से यह सफलता हासिल हुई। पुलिस अब इनसे और पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर अन्य राज्यों में भी कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।
यह मामला न केवल आम जनता के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग से मासूम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज से सतर्क रहें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी से भी साझा न करें।
इस वीडियो में देखिए पूरी रिपोर्ट – कैसे काम करता था यह साइबर गिरोह, क्या-क्या हथकंडे अपनाए जाते थे, और कैसे पुलिस ने इस नेटवर्क को तोड़ा।
For more information, visit: https://youtu.be/xCEvJEnQUxU

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