उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सक्रिय जलालुद्दीन गिरोह को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था एक बार फिर सुर्खियों में है। इस गिरोह की बढ़ती गतिविधियों और आपराधिक गतिविधियों के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान जारी कर साफ कर दिया कि सरकार ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में कहा, "समाज में अस्थिरता फैलाने वाले तत्वों को कड़ी सज़ा दी जाएगी। ऐसे गिरोहों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों।" उन्होंने प्रशासन और पुलिस विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जलालुद्दीन गिरोह की हर गतिविधि पर नज़र रखी जाए और उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
जलालुद्दीन गिरोह पर आरोप है कि वह लखनऊ और आस-पास के इलाकों में आपराधिक गतिविधियों, अवैध उगाही, और सामाजिक शांति भंग करने में संलिप्त है। इस गिरोह से जुड़े कई सदस्य पहले भी जेल जा चुके हैं, लेकिन गिरोह की सक्रियता बनी रही है।
सीएम योगी का यह सख्त रुख न केवल इस मामले को लेकर सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि गिरोह से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन क्षेत्रों में पुलिस गश्त और खुफिया निगरानी भी तेज कर दी गई है, जहाँ गिरोह की सक्रियता की संभावना अधिक है।
इस बीच आम जनता ने भी सरकार की इस तत्परता की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसे आपराधिक गिरोहों पर लगाम लगाकर प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
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