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पंडित ने बताया पीएम मोदी के गंगा सप्तमी पर पुष्य नक्षत्र में नामांकन करने का महत्व और क्या है इस दिन की खासियत

गंगा सप्तमी के दिन प्रधानमंत्री मोदी नामांकन पत्र दाखिल करने से पूर्व वाराणसी के अस्सी घाट पर मां गंगा की पूजा करते हुए नजर आए.

Ganga Saptami 2024: पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर गंगा सप्तमी पड़ती है. इस दिन मां गंगा की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है, साथ ही इस दिन गंगा स्नान करने का विशेष महत्व होता है. इस साल 14 मई के दिन गंगा सप्तमी मनाई जाएगी. गंगा सप्तमी के दिन ही प्रधानमंत्री मोदी [PM Modi]वाराणसी में नामांकन करने वाले हैं. गंगा संप्तमी पर नामांकन दाखिल करने से पहले पीएम मोदी ने गंगा के तट पर जाकर मां गंगा की पूजा की है. इसके पश्चात, वे बाबा काल भैरव की पूजा करने के लिए जाएंगे और काल भैरव का आशीर्वाद लेकर अपना नामांकन करेंगे. सूत्रों के अनुसार, 14 मई की सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर प्रधानमंत्री मोदी नामांकन करने वाले हैं. 

पंडित शिव कुमार शास्त्री के अनुसार, "गंगा संप्तमी के दिन पुष्य नक्षत्र {Pushya Nakshatra}बन रहा है. ज्योतिष के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों में सर्वोत्तम माना जाता है. पुष्य नक्षत्र के स्वामी ब्रहस्पति होते हैं और पुष्य नक्षत्र कर्क राशि में आता है व कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं. चंद्रमा और बृहस्पति के योग में गजकेसरी योग का निर्माण होता है. इस चलते ज्योतिषीय आइने में सप्तमी तिथि, मंगलवार का दिन, पुष्य नक्षत्र और गजकेसरी योग के निर्माण से राजाओं का विजय प्राप्त करने का शुभ मुहूर्त बनता है. इसीलिए इस शुभ मुहूर्त में नामांकन करना ज्योतिषीय आइने से बेहद शुभ है."
 

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