उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। अब इन जिलों में पटाखों का निर्माण, भंडारण, बिक्री या फोड़ना पूरी तरह से अवैध होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई के तहत 5 साल तक की सजा और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य नागरिकों की सेहत और स्वच्छ हवा सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से एनसीआर और इसके आसपास के जिलों में वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने पुलिस और नगरपालिका अधिकारियों को सतर्क रहने और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय लोग मिश्रित प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग कहते हैं कि यह कदम स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए सही है, जबकि पटाखा विक्रेता आर्थिक नुकसान की चिंता कर रहे हैं। प्रशासन ने सभी व्यापारियों को पहले ही चेतावनी जारी की थी और पटाखों के भंडारण और बिक्री की निगरानी तेज कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे इस त्योहार में पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और कानूनी विकल्प अपनाएं।
For more information, visit: https://youtu.be/EtuLECJzzKQ


0 - Comments