ग्लेशियरों पर अटके हुए हैं भारी-भरकम बोल्डर
पैदल मार्ग को दुरूस्त करने में लगा प्रशासन
रात के समय हटाए जा रहें हैं बोल्डर
विश्व विख्यात केदारनाथ धाम की यात्रा पर पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों को पैदल मार्ग पर आवाजाही करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिये रात के समय प्रशासन पैदल मार्ग को दुरूस्त करने में लगा हुआ हैं.... ग्लेशियरों पर जो बड़े-बड़े बोल्डर अटके हुये हैं, उनको मशीनों से काटा जा रहा है.... ताकि बर्फ पिघलने पर ये बोल्डर किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचाये....
केदारनाथ धाम की यात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है... सबसे अधिक तीर्थ यात्री पैदल मार्ग से यात्रा कर रहे हैं.... तीन लाख से अधिक तीर्थ यात्री पैदल आवाजाही करके अभी तक बाबा केदार के दर्शनों को पहुंचे हैं. कपाट खुलने से पहले शीतकाल में धाम सहित पैदल मार्ग पर जमकर बर्फबारी हुई थी. कपाट खुलने से पहले गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ धाम तक बर्फ को काटकर रास्ता तैयार किया गया था... पैदल मार्ग पर कुबेर ग्लेशियर अब पिघलना शुरू हो गया है...
ग्लेशियर पर पहाड़ी से आये बोल्डर अटके हुये हैं. बर्फ पिघलने पर ग्लेशियर में अटके बोल्डर नुकसान पहुंचा सकते हैं... ऐसे में प्रशासन के मजदूर ग्लेशियर पर अटके बोल्डरों को काटकर हटाने का कार्य कर रहे हैं... यह कार्य रात के समय किया जा रहा है... दिन के समय इस ग्लेशियर पर दोनों छोर से सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी यात्री को कोई दिक्कत न हो...

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