उत्तराखंड में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने राज्य में संकट की स्थिति पैदा कर दी है। खासकर गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर अब लोगों के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है। हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए 292.90 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर के बेहद करीब है।
गंगा का प्रवाह अब बेहद तेज़ हो गया है, जिससे किनारे के गांवों, घाटों और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनती जा रही है। नदी का वेग इतना अधिक है कि स्थानीय लोग डरे हुए हैं और कई स्थानों पर घाट खाली कराए जा रहे हैं।
सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह से 24×7 अलर्ट मोड पर हैं। अधिकारियों की टीम जलस्तर की लगातार निगरानी कर रही है और किसी भी आपात स्थिति के लिए राहत एवं बचाव टीमें तैनात की जा रही हैं। SDRF और NDRF को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और उससे निकलता हुआ पानी मैदानी इलाकों में तबाही की आशंका को और अधिक बढ़ा रहा है। कई नाले और छोटी नदियाँ पहले ही उफान पर हैं, जिससे मुख्य गंगा नदी में पानी का बहाव और भी ज्यादा हो गया है।
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और अफवाहों से बचें। जरूरत पड़ने पर तुरंत निकासी की योजना को अमल में लाया जाएगा।
गंगा का यह रौद्र रूप सिर्फ प्राकृतिक आपदा की चेतावनी नहीं, बल्कि हमें समय रहते सतर्क और तैयार रहने का संदेश भी देता है।
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