हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित पवित्र किन्नर कैलाश यात्रा मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया जब अचानक आई बाढ़ ने श्रद्धालुओं को चारों ओर से घेर लिया। स्थिति बेहद नाजुक थी और वक्त पर मदद पहुँचना बेहद ज़रूरी। ऐसे समय में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने अपनी बहादुरी और तत्परता का परिचय देते हुए एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
17वीं बटालियन की ITBP टीम ने अत्याधुनिक रोप-बेस्ड ट्रवर्स क्रॉसिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 413 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। इस कठिन और जोखिम भरे मिशन में 1 गजेटेड ऑफिसर, 4 सब-ऑर्डिनेट ऑफिसर्स और 29 जवानों की टीम शामिल रही, जो पूरे समय राहत कार्य में जुटी रही।
रेस्क्यू मिशन को और भी प्रभावी बनाने में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 14 सदस्यीय टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों टीमों ने आपसी समन्वय और तकनीकी दक्षता से यह सुनिश्चित किया कि एक भी श्रद्धालु संकट में न रहे।
श्रद्धालुओं के लिए यह अनुभव भयावह था। बाढ़ के कारण कई जगहों पर रास्ते बह गए थे, पेड़ गिर चुके थे और कई यात्री ऊँचाई पर फँसे हुए थे। लेकिन ITBP की मुस्तैदी और साहस के कारण सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
यह ऑपरेशन केवल एक रेस्क्यू मिशन नहीं था, बल्कि भारतीय सुरक्षा बलों की कर्तव्यपरायणता, मानवता और अदम्य साहस की मिसाल भी है। कठिन भौगोलिक स्थितियों और खराब मौसम के बीच जिस तरह से यह अभियान चलाया गया, वह आने वाले समय में आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन्स के लिए एक मॉडल बन सकता है।
यात्रा के आयोजकों, स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं ने ITBP और NDRF के इस संयुक्त प्रयास की सराहना की है।
For more information, visit: https://youtu.be/3nAlfb2x8hI

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