Uttarakhand

उत्तरकाशी के धराली गांव में फटा बादल, तबाही ने छीनी खुशहाल ज़िंदगियाँ

उत्तराखंड की खूबसूरत वादियाँ आज भय और तबाही की चपेट में हैं। उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में, जहाँ कभी देवदार के पेड़ों की छांव और शांति की फुसफुसाहट सुनाई देती थी, आज सिर्फ सिसकियाँ और टूटे हुए घरों की खामोशी बाकी है। मानसून की रफ्तार जैसे ही बढ़ी, कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते आसमान से बरसी आफ़त ने पूरे गांव की तस्वीर बदल दी। बादल फटने की इस भयावह घटना ने वहां की ज़िंदगी को ऐसे तहस-नहस किया कि कई परिवारों की बरसों की मेहनत चंद मिनटों में मलबे में बदल गई।

धराली का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज़ बारिश और अचानक आई जलप्रलय ने मकानों को बहा दिया, सड़कें गायब हो गईं, खेत बर्बाद हो गए और लोग जान बचाने के लिए पहाड़ों की ऊंचाई की ओर भागते दिखे। गाँव में अफरा-तफरी का आलम है, चारों ओर सिर्फ बर्बादी के निशान हैं। इस संकट की घड़ी में प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें मौके पर तैनात हैं, लेकिन खराब मौसम और टूटे हुए रास्ते उनके लिए भी चुनौती बन गए हैं।

धराली के निवासी सदमे में हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और सैकड़ों परिवार बेघर हो चुके हैं। स्थानीय स्कूलों और पंचायत भवनों को अस्थायी राहत शिविरों में बदला गया है, जहाँ बेसहारा लोग शरण लिए हुए हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों की नाज़ुक पारिस्थितिकी और जलवायु परिवर्तन के खतरों को उजागर कर दिया है। विकास की दौड़ में हम किस कीमत पर प्रकृति से खेल रहे हैं, धराली उसका ताजा उदाहरण बन गया है।

For more information, visit: https://youtu.be/gUnmBzb7-Lg

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